गुरुग्राम, संवाददाता: शीतला कॉलोनी में प्रशासन द्वारा अवैध बने मकानों पर की जा रही सीलिंग की कार्रवाई को लेकर सियासी घमासान शुरू हो गया है। कांग्रेस के जिला शहरी अध्यक्ष पंकज डावर ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए इसे दोहरी नीति बताया है। उन्होंने कहा कि शीतला कॉलोनी में लंबे समय से अवैध निर्माण धड़ल्ले से हो रहे थे। इसको लेकर उन्होंने कई बार प्रशासन को अवगत कराया और आवाज भी उठाई थी, लेकिन उस समय प्रशासन ने उनकी बात को गंभीरता से नहीं लिया। उन्होंने कहा जब हमने अवैध निर्माणों का मुद्दा उठाया था तो प्रशासन को ये निर्माण दिखाई नहीं दिए। अब अचानक टीमों के साथ पहुंचकर मकानों को सील किया जा रहा है। पहले तो यहां अवैध निर्माण कराए जाते हैं और जब लोग अपना आशियाना बना लेते हैं तो उन्हें उजाड़ दिया जाता है।

जिलाध्यक्ष ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर आरोप लगाया कि प्रशासन की यह कार्यप्रणाली संदेह के घेरे में है। अगर समय रहते कार्रवाई की जाती तो आज सैकड़ों परिवारों पर बेघर होने का संकट नहीं आता। चुनाव के समय तो आयुध डिपो के 900 मीटर दायरे को भुला दिया जाता है। धड़ल्ले से अवैध कब्जे कराकर निर्माण कराने की अघोषित छूट दे दी जाती है। बाद में उसी 900 मीटर दायरे में सीलिंग और बुल्डोजर से निर्माण गिराने की कार्रवाई की जाती है। इस दोहरा मापदंड भाजपा सरकार में चल रहा है। पंकज डावर ने कहा कि इस तरह की कार्यप्रणाली नहीं चलने दी जाएगी।
कांग्रेस नेता ने कहा कि इतने बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण बिना प्रशासनिक अधिकारियों की जानकारी और मिलीभगत के संभव नहीं हैं। पहले आंख बंद कर निर्माण होने दिए जाते हैं और बाद में दिखावे के लिए सीलिंग जैसी कार्रवाई कर दी जाती है। गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों के घरों को निशाना बनाया जा रहा है। पंकज डावर ने कहा कि पहुंच वाले लोगों का बचाव किया जाता है और बाकी निर्माणों को निशाना बनाया जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि अवैध निर्माण ढहाने में क्षेत्र के अनुसार भेदभाव प्रशासन के स्तर पर किया जाता है। पंकज डावर ने कहा कि शीतला कॉलोनी में अवैध निर्माण का मुद्दा नया नहीं है। यह वर्षों से चला आ रहा है। प्रशासन ने समस्या को जड़ से खत्म करने के बजाय इसे बढऩे दिया। उन्होंने मांग की कि जिन लोगों के मकान सील या ध्वस्त किए जा रहे हैं उन्हें तुरंत वैकल्पिक आवास और मुआवजा दिया जाए। साथ ही पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए कि किन अधिकारियों के संरक्षण में अवैध निर्माण हुए और उन्हें रोकने में देरी क्यों हुई। कांग्रेस जिला शहरी अध्यक्ष ने चेतावनी दी कि अगर प्रशासन ने पीडि़त परिवारों की बात नहीं मानी तो कांग्रेस कार्यकर्ता कॉलोनी वासियों के साथ मिलकर बड़ा आंदोलन करेंगी।
