गुरुग्राम, संवाददाता: नगर निगम गुरुग्राम ने स्वच्छता कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए जोन-6 में कार्यरत एजेंसी मैसर्स के.एस. मल्टीफैसिलिटी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की है। आरएफपी एवं वर्क ऑर्डर की शर्तों के अनुसार निर्धारित संख्या में ट्रैक्टर-ट्रॉली एवं मैनपावर उपलब्ध नहीं कराने पर एजेंसी को नोटिस जारी करते हुए कुल ₹4,71,101.91 का जुर्माना लगाया गया है।
*वर्क ऑर्डर की शर्तों का नहीं किया पालन*
नगर निगम द्वारा जारी वर्क ऑर्डर के अनुसार एजेंसी को निर्धारित संख्या में ट्रैक्टर-ट्रॉली, चालक एवं प्रत्येक ट्रॉली के साथ आवश्यक सफाई कर्मियों की तैनाती करनी थी। जोन-3 के पुनर्गठन के बाद जोन-6 में निर्धारित संसाधनों की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन निरीक्षण एवं समीक्षा के दौरान एजेंसी द्वारा आवश्यक संख्या में वाहन एवं मैनपावर उपलब्ध नहीं कराई गई।
*दो अवधियों में की गई समीक्षा*
नगर निगम द्वारा 22 जून से 30 जून 2026 तथा 1 जुलाई से 10 जुलाई 2026 तक की अवधि की समीक्षा की गई। इस दौरान कई दिनों तक निर्धारित संख्या से कम ट्रैक्टर-ट्रॉली एवं सफाई कर्मी तैनात पाए गए।रिकॉर्ड के आधार पर पहले चरण में एजेंसी पर ₹2,10,354.31 तथा दूसरे चरण में ₹2,60,747.60 का जुर्माना लगाया गया। इस प्रकार दोनों अवधियों को मिलाकर एजेंसी पर कुल ₹4,71,101.91 की पेनल्टी अधिरोपित की गई।
*स्वच्छता कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं*
नगर निगम गुरुग्राम गुरुग्राम के संयुक्त आयुक्त डॉ प्रीतपाल सिंह ने स्पष्ट किया है कि शहर की स्वच्छता व्यवस्था को प्रभावित करने वाली किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी एजेंसियों को अनुबंध की शर्तों का पूर्ण पालन करते हुए निर्धारित संसाधनों एवं मैनपावर की उपलब्धता सुनिश्चित करनी होगी।
*अनुबंध की शर्तों के पालन पर रहेगा विशेष फोकस*
निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने कहा कि नगर निगम द्वारा सभी जोनों में कार्यरत एजेंसियों की नियमित निगरानी की जा रही है। निर्धारित संसाधनों की उपलब्धता, कार्य की गुणवत्ता तथा अनुबंध की शर्तों के पालन की लगातार समीक्षा की जाएगी। किसी भी प्रकार की कमी पाए जाने पर नियमानुसार आर्थिक दंड एवं अन्य आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम गुरुग्राम का उद्देश्य नागरिकों को बेहतर एवं समयबद्ध स्वच्छता सेवाएं उपलब्ध कराना है। इसके लिए कार्य में लापरवाही बरतने वाली एजेंसियों के विरुद्ध आगे भी इसी प्रकार की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

