गुरुग्राम, संवाददाता : निगम क्षेत्र वार्ड तीन के गांव मोलाहेड़ा निवासी एवं वरिष्ठ नागरिक महीपाल यादव ने पुलिस आयुक्त, गुरुग्राम को शिकायत देकर थाना पालम विहार सैक्टर 22 के एडिशनल एसएचओ दिनेश राठी, एएसआई हरिकृष्ण, एएसआई पवन, हवलदार अनिल धनखड़ वग़ैरह पर रिश्वत मांगने,अभद्र व्यवहार करने तथा गंभीर मामलों की निष्पक्ष जांच नहीं करने के गंभीर आरोप लगाए हैं।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पीड़ित ने अपनी शिकायत में बताया कि गत वर्ष 24 मार्च 2026 को थाने के एडिशनल एसएचओ दिनेश राठी और हवलदार अनिल धनखड़ कथित रूप से उनके घर पहुंचे और सीसीटीवी कैमरे तोड़ने के मामले का हवाला देते हुए उनसे अभद्र व्यवहार किया। तथा अपने आप को एसीपी बताया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि पुलिस अधिकारियों ने उन्हें धमकाया और उनसे 15,000 रुपये मांगे और कहा कि अगर नहीं दिए तो पुरे परिवार को ऐसा सिधा करगा कि तुम्हारी कई पिंढी याद रखेगी मेंने तेरे जैसे कई समाज सेवक ठीक किए है, उसने मेरी उम्र का भी ख्याल नहीं रखा।महीपाल यादव ने अपनी शिकायत में यह भी आरोप लगाया कि वर्ष 2007 से जुड़े एक भूमि विवाद खसरा नंबर 106 व 57 की जांच में भी पुलिस अधिकारियों ने कथित रूप से मिलीभगत कर उचित कार्रवाई नहीं की। उन्होंने दावा किया कि कुछ पुलिसकर्मियों द्वारा वेदप्रकाश, विनोद, शकुन्तला वग़ैरह को संरक्षण देने और शिकायतों को दबाने का काम कर रहे हैं, वहीं गांव के नजदीक पुलिस रेस्ट हाऊस के पास सरकारी जमीन पर अवैध सब्जी मंडी लगवाकर वसूली कर आपस में बांटकर चांदी कुट रहे हैं, कई बार लिखित शिकायत देने के बाद भी यह गोरख धंधा बंद नहीं हो रहा है। जिससे उन्हें और उनके परिवार को काफी मानसिक एवं आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
शिकायतकर्ता ने पुलिस आयुक्त से संबंधित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ निष्पक्ष जांच कर कड़ी विभागीय कार्रवाई, यहां तक कि सेवा से बर्खास्त करने की मांग की है। शिकायत की प्रतिलिपि हरियाणा के डीजीपी और मुख्यमंत्री को भी भेजी गई है। अब देखना यह होगा कि इसपर कुछ कार्रवाई होती है या फिर पहले की तरह ही मामले में खानापूर्ति कर दरखास्त को रफा-दफा कर दिया जाएगा।

