गुरुग्राम, संवाददाता: हरियाणा में नर्सिंग कैडर की ऑनलाइन ट्रांसफर पालिसी के खिलाफ दायर याचिका पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट की डबल बेंच में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने पालिसी को तत्काल वापस लेने की घोषणा कर दी। सरकार ने कोर्ट को बताया कि ऑनलाइन ट्रांसफर पालिसी में संशोधन कर इसे दोबारा लागू किया जाएगा।यह याचिका नर्सिंग ऑफिसर्स वेलफेयर एसोसिएशन हरियाणा की राज्य प्रधान विनीता बांगड़ की ओर से दायर की गई थी। एसोसिएशन का कहना था कि मौजूदा ऑनलाइन ट्रांसफर पालिसी नर्सिंग कर्मचारियों के हितों के खिलाफ है और इसमें कई खामियां हैं। जिससे ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों में कार्यरत नर्सिंग स्टाफ को अनावश्यक परेशानी हो रही है।
विनीता बांगड़ ने बताया कि उन्होंने अपने नाम से हाईकोर्ट की डबल बेंच में ऑनलाइन ट्रांसफर पालिसी के खिलाफ नर्सिंग कैडर की तरफ से केस दायर किया था। सुनवाई के दौरान सरकार ने माना कि पालिसी में कुछ त्रुटियां हैं और इसे वापस लिया जा रहा है। सरकार ने कोर्ट को आश्वस्त किया कि संशोधन के बाद ही इसे फिर से लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि एसोसिएशन शुरू से ही पारदर्शी और कर्मचारी हितैषी ट्रांसफर नीति की मांग कर रही थी। मौजूदा पालिसी में नर्सिंग स्टाफ की पारिवारिक परिस्थितियों, महिला कर्मचारियों की सुरक्षा, और वरिष्ठता जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं को नजरअंदाज किया गया था। इसके चलते हजारों नर्सिंग अधिकारी मानसिक तनाव में थे। उन्होंने कहा कि वह सरकार द्वारा प्रस्तावित संशोधित पॉलिसी का अध्ययन करेगी और यदि उसमें भी कर्मचारियों के हित प्रभावित होते हैं तो फिर से कानूनी रास्ता अपनाया जाएगा। सुनवाई के बाद नर्सिंग ऑफिसर्स वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारियों और सदस्यों ने सरकार के फैसले का स्वागत किया। नर्सिंग
वहीं ऑफिसर वेलफेयर एसोसिएशन हरियाणा की प्रेस सचिव पूनम सहराय ने बताया कि नर्सिंग कैडर द्वारा किया गया विरोध पालिसी के खिलाफ नहीं, बल्कि उसकी खामियों के खिलाफ था। हम चाहते हैं कि ट्रांसफर प्रक्रिया पारदर्शी होने के साथ वह मानवीय और व्यावहारिक भी हो। कोर्ट के हस्तक्षेप और सरकार के सकारात्मक रुख से नर्सिंग स्टाफ को बड़ी राहत मिली है। उन्होंने कहा कि यह जीत पूरे नर्सिंग कैडर की एकजुटता का परिणाम है। पे्रस सचिव पूनम सहराय ने कहा कि हम सरकार के साथ सकारात्मक संवाद बनाए रखेंगे, ताकि ऐसी पॉलिसी बने जो प्रशासनिक जरूरतों और कर्मचारी हितों दोनों को संतुलित करे।