गुरुग्राम, संवाददाता : गुरुग्राम के सेक्टर-10 थाना में दर्ज शादी का झांसा देकर ठगी करने के एक गंभीर मामले में आरोपी द्वारा दायर जमानत याचिका पर अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। मामले की अगली सुनवाई 23 मार्च को निर्धारित की गई है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, जयपुर निवासी आरोपी धुव पवार जोकि पैसे से एक फोटोग्राफर है,उसपर आरोप है कि उसने एक युवती को शादी का झांसा देकर अपने चंगुल में फंसाया उसके बाद उससे लाखों रुपये धोखाधड़ी से ठग लिए। वहीं आरोपी ने ठगी की रकम से एक कार भी खरीदी थी। जिससे बाद में उसने शादी करने से भी मना कर दिया था। जिसपर पीड़िता की शिकायत पर गुरुग्राम पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भिजवाया था।
वहीं इस मामले में पीड़िता के वकील की पहल पर अदालत के आदेश से उक्त कार की नीलामी कराई गई, जिससे पीड़िता को लगभग 10 लाख रुपये की राशि भी वापस दिलाई गई।इसी मामले में आरोपी धुव पवार ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से जमानत याचिका अदालत में दायर की है। जिसकी शुक्रवार को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (एएसजे) विनय शर्मा की अदालत में जमानत याचिका पर सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील ने आरोपी को जमानत देने की मांग की, जबकि सरकारी वकील और पीड़िता के वकील ने इसका कड़ा विरोध किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने फिलहाल अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया है। अब सभी की नजरें 23 मार्च को आने वाले फैसले पर टिकी हैं।
अब देखना यह होगा कि अदालत आरोपी को इस गंभीर मामले में जमानत देने का आदेश सुनाती है या नहीं। जबकि अक्सर इस तरह के मामलों में देखा गया है कि आरोपी को अगर अदालत से जमानत मिल जाती है तो वे पीड़िता पर दबाव बनाकर मामले के बचने की कोशिश करते हैं। वहीं पुलिस भी आरोपी से साजबाज होकर रूपए पैसे का लेनदेन करा कर हनी ट्रैप मामले में फसाने की धमकी देकर। मामले को रफा दफा कराकर अपना पल्ला झाड़ लेती है। जिससे पीड़िता को न्याय नहीं मिल पाता है। ऐसे कई मामले गुड़गांव पुलिस की फाइलों में दबे पड़े हैं।

