गुरुग्राम की अदालत ने शादी का झांसा देकर ठगी मामले में BNSS की धारा 107 में पीड़ित को दिलाए 11.30 लाख मुआवजा, गुरुग्राम का पहला अहम आदेश।

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गुरुग्राम, संवाददाता : जिले की एक जेएमआईसी अदालत ने BNSS की नई धारा के तहत पीड़ित के साथ धोखाधड़ी कर वसूल की गई धनराशि से खरीदी गई गाड़ी को नीलाम कर मुआवजा दिलवाने का अहम् आदेश दिया है। जिसमें पुलिस ने आरोपी की गाड़ी को नीलाम कर पीड़ित को 11.30 लाख रुपए दिलाएं है।

मिली जानकारी के अनुसार गुरुग्राम पुलिस ने नए आपराधिक कानून **भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023** के तहत एक मामले में धोखाधड़ी की शिकार पीड़ित को सीधे मुआवजा दिलाने की पहल की है। पुलिस ने आरोपी द्वारा कथित रूप से ठगी के पैसों से खरीदी गई एक **फॉक्सवैगन वर्टस कार** को जब्त कर उसकी नीलामी करवाई और प्राप्त राशि में से **11.30 लाख रुपये पीड़ित को सौंप दिए।** पुलिस का दावा है कि **बीएनएसएस की धारा 107 के तहत यह देश का पहला मामला** है जिसमें अपराध से प्राप्त संपत्ति को नीलाम कर पीड़ित को मुआवजा दिया गया है। गुरुग्राम के एसीपी **अभिलक्ष जोशी** ने बताया कि पुलिस ने जांच के दौरान पाया कि आरोपी **ध्रुव पंवार (35)**ने जो जयपुर का निवासी और पेशे से फोटोग्राफर है, ने शिकायतकर्ता से करीब **14.5 लाख रुपये की ठगी** की थी। शिकायत के आधार पर **जनवरी के पहले सप्ताह में सेक्टर-10ए थाने में इस बारे एफआईआर दर्ज की गई थी**, जिसमें धोखाधड़ी, जबरन वसूली और शादी का झूठा वादा कर संबंध बनाने के आरोप शामिल थे। मामले में **भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 69** भी लगाई गई, जो छल या झूठे विवाह के वादे से यौन संबंध बनाने से संबंधित है। इस धारा के तहत दोषी पाए जाने पर आरोपी को **10 वर्ष तक की सजा और जुर्माना** हो सकता है।

पुलिस जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी ने पीड़ित से ठगे गए पैसों से एक **फॉक्सवैगन वर्टस कार खरीदी थी**। पुलिस ने वाहन को जब्त कर अदालत में पेश किया। **21 जनवरी को अदालत में पेशी के दौरान आरोपी ने स्वीकार किया** कि कार उसने उसी धन से खरीदी थी जो उसे कथित अपराध से प्राप्त हुआ था। उसने यह भी बताया कि वह वाहन का पंजीकृत मालिक है और कार की कुर्की या बिक्री से उसे कोई आपत्ति नहीं है।**बीएनएसएस की धारा 107** के अनुसार, यदि जांच के दौरान यह पाया जाता है कि कोई संपत्ति अपराध से अर्जित धन से खरीदी गई है, तो अदालत उसे कुर्क करने और नीलाम करने का आदेश दे सकती है। इसके बाद **धारा 107(6)** के तहत अदालत जिला मजिस्ट्रेट को निर्देश दे सकती है कि वह नीलामी से प्राप्त धनराशि को अपराध से प्रभावित व्यक्तियों में वितरित करे।अदालत के आदेश के बाद गुरुग्राम पुलिस ने जिला प्रशासन के साथ समन्वय करते हुए वाहन की **सरकारी ई-नीलामी पोर्टल पर नीलामी करवाई**, जिसमें कार की **सबसे ऊंची बोली 11.30 लाख रुपये** लगी।**26 फरवरी को अदालत में नीलामी की जानकारी दी गई और पूरी राशि का चेक सीधे पीड़ित को सौंप दिया गया।

*गुरुग्राम पुलिस प्रवक्ता ने इस कार्रवाई को **नए आपराधिक कानूनों के तहत पीड़ित-केंद्रित न्याय की दिशा में ऐतिहासिक कदम** बताया। इस बीच आरोपी **ध्रुव पंवार** के खिलाफ आपराधिक मुकदमा अलग से चलता रहेगा । एसीपी अभिलक्ष जोशी ने कहा कि **बाकी रकम की वसूली के लिए आरोपी के बैंक खातों को फ्रीज करने सहित अन्य कानूनी उपाय भी किए जाएंगे।**मामले में सरकार की तरफ से सरकारी वकील हिमांशु गोयल आरोपी की तरफ से अदिति मित्तल तथा पीड़ित शिकायतकर्ता की तरफ से एडवोकेट जगजीत चौधरी पेश हुए। अगली सुनवाई तारीख 5 मार्च 2026 लगी है।

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