गुरुग्राम, संवाददाता : हरियाणा सूचना आयोग ने गुरुग्राम की सेक्टर 22 आरडब्ल्यूए में खर्च हुए सरकारी धन की सूचना नहीं देने पर रजिस्टार फ्म एंड सोसाइटी विभाग के जन सूचना अधिकारी को फटकार लगाते हुए सख्त कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं। मिली जानकारी के अनुसार गुरुग्राम के सेक्टर 22 निवासी एक जागरूक नागरिक सी यादव ने उनके सेक्टर की आरडब्ल्यूए सक्षम वेलफेयर एसोसिएशन से संबंधित पांच बिंदुओं पर 20 मार्च 2025 को फम एंड सोसाइटी विभाग के जन सूचना अधिकारी से आरडब्ल्यूए द्वारा सरकारी फंड कहां-कहां से कितना प्राप्त हुआ तथा किस-किस कार्य के लिए खर्च किया गया पेमेंट की रसीद तथा अन्य संबंधित जानकारी उपलब्ध कराने के लिए आवेदन आरटीआई एक्ट 2005 के तहत दिया था, जिस पर जन सूचना अधिकारी ने रिकॉर्ड से संबंधित कुछ जानकारी तो आवेदक को उपलब्ध करा दी थी, वहीं सक्षम वेलफेयर सोसायटी द्वारा किए गए खर्चों के बारे में प्रधान को पत्र द्वारा अवगत कराकर जल्द सूचना उपलब्ध कराने के लिए भेजा था। लेकिन सैक्टर 22 की सक्षम आरडब्ल्यूए ने इसको गंभीरता से नहीं लिया। जिस पर आवेदक आधी अधूरी व कुछ बिंदुओं पर सूचना बिल्कुल ही नहीं मिलने पर एक्ट के प्रावधानों के अनुसार प्रथम अपील दायर की थी। मगर फिर भी आरडब्ल्यूए ने लापरवाही बरती तथा खर्चों की सूचना देने में नाकाम रही। जिस पर आवेदक ने हार नहीं मानी लेकिन निराशा अवश्य हुई,जिसपर उन्होंने एक्ट के प्रावधानों के अनुसार द्वितीय अपील हरियाणा राज्य सूचना आयोग में दायर कर सूचना समय पर नहीं देने पर जुर्माना व कार्रवाई करने की गुहार लगाई थी। जिसकी सुनवाई के दिए सूचना आयोग ने बीते 9 दिसंबर 2025 को मामले पर संज्ञान लेते हुए जन सूचना अधिकारियों को आवेदक द्वारा मांगी गई सूचना तुरंत उपलब्ध करने के आदेश दिए। वहीं सरकार के 2012 के नियम व कानून के अनुसार सक्षम समिति वेलफेयर सेक्टर 22 पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
बता दें कि आवेदक द्वारा उक्त आरटीआई एप्लीकेशन में बिंदु नंबर 3 में 4 में आरडब्ल्यूए को प्राप्त हुए सरकारी फंड तथा कहां-कहां पर खर्च हुए उसके बारे में समस्त जानकारी वर्ष 2021 से अब तक की मांगी थी।जिसमें आवेदक ने आरडब्ल्यूए द्वारा बैंक से निकलवाए गए 5,00,000/- तथा 140,000/- सबसे ज्यादा संदेह के घेरे में है। जिसमें सरकारी फंड का दुरुपयोग गोलमोल भ्रष्टाचार होने की आशंका आवेदक ने जताई है। उक्त सेक्टर निगम वार्ड 3 के अंतर्गत पहले आता था जहां से बीजेपी का पार्षद काफी विवादित रहा है।
वहीं सूत्रों से यह भी जानकारी मिली है कि सेक्टर में आरडब्ल्यूए को नगर निगम गुरुग्राम से पार्षद की मार्फत काफी खर्चा मिलता है। जिसको निगम अधिकारी व अन्य कर्मचारी व पार्षद सभी मिलजुल कर हजम कर सरकार को चूना लगा रहे हैं। जिसपर सभी मौन बने हुए हैं।

