गुरुग्राम, संवाददाता : गुरुग्राम में नियम और कानून को ताक पर रखकर संचालित हो रहे स्कूलों को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका (PIL) दायर की गई है। यह याचिका गुरुग्राम के एवी इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल सहित अन्य अवैध स्कूलों के खिलाफ दाखिल की गई है। जनहित याचिका गुरुग्राम निवासी आरटीआई एक्टिविस्ट सुखबीर सिंह द्वारा दायर की गई है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार याचिका में बताया गया है कि सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार गुरुग्राम शहर में जीएवी इंटरनेशनल नामक स्कूल ने केवल 4 स्कूलों को ही विधिवत अनुमति प्राप्त है, इसके बावजूद संचालकों ने शहर में करीब 19 स्कूल संचालित कर रखें हैं। इन स्कूलों में शिक्षा विभाग के नियमों और मानकों की गंभीर अनदेखी किए जाने का आरोप लगाया गया है। आरटीआई के माध्यम से प्राप्त जानकारी से यह खुलासा हुआ है कि कई स्कूल बिना आवश्यक मान्यता, बुनियादी सुविधाओं और सुरक्षा मानकों के बच्चों को शिक्षा दे रहे हैं।याचिका में यह भी आरोप लगाया गया है कि संबंधित स्कूलों के संचालकों की ऊंची पहुंच के कारण प्रशासन और शिक्षा विभाग के अधिकारी कार्रवाई करने से बच रहे हैं। बार-बार शिकायतों के बावजूद अब तक न तो कोई ठोस जांच हुई और न ही अवैध रूप से चल रहे स्कूलों को बंद किया गया।हाईकोर्ट में दायर जनहित याचिका के माध्यम से याची ने मांग की है कि ऐसे सभी अवैध स्कूलों को तत्काल बंद किया जाए, साथ ही दोषी अधिकारियों और स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। याचिका में यह भी कहा गया है कि नियमों का उल्लंघन कर संचालित हो रहे स्कूल बच्चों के भविष्य और उनकी सुरक्षा के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।अब इस मामले पर हाईकोर्ट की सुनवाई के बाद यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन और शिक्षा विभाग अवैध स्कूलों के खिलाफ क्या कदम उठाते हैं और क्या बच्चों व अभिभावकों को इस समस्या से राहत मिल पाती है या लापरवाह अधिकारियों की दबंगी से ढुलमुल नीति चलतीं रहेंगी। इस मामले में अगली सुनवाई तारीख 15 जनवरी (वीरवार) बताई गई है।
वहीं यह भी जानकारी मिली है कि उक्त स्कूल संचालकों ने शहर की अधिकतर ग्रीन बेल्ट पर जहां स्कूल बने हुए हैं अवैध कब्जा कर रखा है। जिसका भी मामला कई दफा सुर्खियों में रहा है। शहरवासियो में इस बारे में यही चर्चाएं है कि जिला नोडल अधिकारी आरएस भाट जो अपने बड़बोले पर से लोगों पर दबाव बनाते फिरते हैं। उक्त स्कूलों से अवैध कब्जे हटवाकर दिखाएं। जबकि डीटीपी ने नोटिस भी जारी कर रखें हैं।


