गुरुग्राम,सतीश भारद्वाज : गुरुग्राम में आए दिन वेलफेयर एसोसिएशनस की गुंडागर्दीयो के किस्से सुनना एक आम बात सी हो गई है। यह वेलफेयर एसोसिएशन अपने आप को कानून, संविधान और सरकार से भी ऊपर समझने लगी है। ऐसा ही एक मामला सेक्टर 48 सोहना रोड़, गुरुग्राम की पार्श्वनाथ ग्रीन विले सोसाइटी का, सामने आया है, जहां सोसाइटी के रेजिडेंट समीर बंसल ने रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के खिलाफ बादशाहपुर थाना में लिखित शिकायत देकर दोषियों पर कार्रवाई करने की गुहार लगाई है। शिकायतकर्ता समीर बंसल इस मामले पर एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि 5 जनवरी रात्रि 6 बजे उक्त सोसाइटी के एस्टेट मैनेजर एस.के.यादव ने रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान सुनील त्यागी एवं अन्य पदाधिकारियों के कहने पर बिना वजह उनके मकान की चोरी छुपे रात को बिजली काट दी। जिसके पश्चात शिकायतकर्ता ने बादशाहपुर पुलिस थाने में शिकायत दी तब पुलिस के हस्तक्षेप और घंटों मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करने के पश्चात ग्रीन विले वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा बिजली के कनेक्शन को बहाल किया गया।समीर बंसल के मुताबिक यह मकान उनके और उनकी माताजी के नाम से सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज है और वह इस सोसाइटी में वर्ष 2009 से रह रहे हैं। वह इस मकान में अपने परिवार और वृद्ध माताजी के साथ रहते हैं। उनकी माताजी सुषमा बंसल गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से ग्रसित है, जिसके लिए बिजली की आपूर्ति अत्यंत आवश्यक है। बिजली काटने के कारण उनके और उनके परिवार को मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न झेलना पड़ा। उनके अनुसार उनके ऊपर किसी भी प्रकार का बिजली का भुगतान बकाया नहीं है। भारत के संविधान के अनुसार सभी नागरिकों को जीने का अधिकार है और बिजली मूलभूत और आवश्यक सुविधाओं में आती है जिससे किसी भी नागरिक को वंचित नहीं किया जा सकता है।
समीर बंसल ने आरोप लगाया है कि ग्रीन विले वेलफेयर एसोसिएशन एक फंड बनाकर लगभग 30 करोड़ रुपए रेजिडेंट से मांग कर रही है। जिसका उन्होंने खुलकर विरोध किया है। पहले भी इस फंड के माध्यम से लाखों-करोड़ों रुपए रेजिडेंट से लिए जा चुके हैं। इसी विरोध के चलते रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन ने बदले की भावना से प्रेरित होकर जानबूझकर रात को चोरी छुपे उनके मकान की बिजली काट दी। जो कि स्पष्ट रूप से एक नागरिक के मौलिक अधिकारों का हनन है और गैरकानूनी है।
पीड़ित ने बताया कि इस विषय में जब उन्होंने श्री राजेश कौशिक, एसडीओ, डीएचबीवीएन, सब-डिवीजन सोहना रोड, गुरुग्राम से शिकायत की तो उन्होंने भी इस कृत्य को गैरकानूनी और असंवैधानिक बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिजली आवश्यक सुविधाओं में आती है अतः किसी भी रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन को रेजिडेंट्स की बिजली काटने का अधिकार प्राप्त नहीं है। श्री राजेश कौशिक ने शिकायत पर संज्ञान लेते हुए अपने जूनियर इंजीनियर के माध्यम से ग्रीन विले सोसाइटी के एस्टेट मैनेजर को जरूरी दिशा निर्देश भी दिए और भविष्य में इस तरह की हरकत को ना करने का आदेश भी दिया। समीर बंसल ने स्पष्ट कहा है कि वह तब तक चुप नहीं बैठेंगे जब तक उन्हें इंसाफ नहीं मिलेगा और जो आरोपी है उनके ऊपर सख्त से सख्त कार्यवाही नहीं की जाएगी। क्योंकि ग्रीन विले वेलफेयर एसोसिएशन ने न सिर्फ उनके और उनके परिवार के मौलिक अधिकारों का हनन किया है बल्कि उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करने का जघन्य अपराध किया है।इसमें बड़ा सवाल यह उठता है कि क्या गुरुग्राम की रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशंस ने बिजली काटने को एक हथियार बना लिया है ? क्या बिजली काटना ब्लैकमेलिंग का माध्यम बन गया है ? जितना चाहे रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन्स रेजिडेंस की जेब से उतना पैसा निकलवा सकती है। सरकार को चाहिए की रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशंस के ऊपर लगाम लगाए और सिंगल मीटर सिस्टम की बजाय रेजिडेंट्स को डायरेक्ट डीएचबीवीएन से जोड़ें जिससे रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशंस का खौफ और ब्लैकमेलिंग के धंधे पर लगाम लग सके।

