गुरुग्राम, संवाददाता : हरियाणा के जिला महेन्द्रगढ़ नारनौल में तैनात एक जज पर उनकी खरखौदा स्थित कोठी में रसोई में काम करने वाले नौकर ने गंभीर आरोप लगाए हैं। जिसकी पीड़ित नौकर ने गुरुग्राम के थाना उद्योग विहार में शिकायत दी है। आरोप है कि जज ने रसोइये से डरा-धमका कर अपने शरीर के अंदरूनी अंगों की मालिश कराते थे। रसोइये के बार बार मना करने पर जज ने उसे उद्योग विहार थाने में गनमैन व अन्य साथियों से मारपीट कराई गई। वहीं खरखौदा स्थित कोठी में उसे दो दिनों तक कमरे में बंधक बना कर रखा गया। मामले में थाना पुलिस अलग-अलग एंगल से जांच कर रही है।
सूत्रों व मिडिया से मिली जानकारी के अनुसार जज की कोठी पर है रसोइयां का काम करने वाला पीड़ित युवक मूलत हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले का रहने वाला है,पीड़ित ने एक मई को उद्योग विहार थाने में शिकायत दी थी। जिसकी प्रति गुरुग्राम पुलिस आयुक्त, चंडीगढ़ हाईकोर्ट, सुप्रीम कोर्ट, हरियाणा सरकार और मानवाधिकार आयोग को भी भेजी है। उद्योग विहार पुलिस ने नौ मई को उसके लिखित बयान भी दर्ज किए। पीड़ित ने बयान में कहा कि वह करीब नौ सालों से खरखौदा में एक जज की कोठी पर रसोइये का काम कर रहा था।पीड़ित का आरोप है कि जज उससे अपने शरीर की मालिश के साथ अंदरूनी अंगों की भी मालिश का दबाव डालते थे। इस पर उसने काम छोड़ना चाहा। चार अप्रैल को उसने जज से काम से मना किया और कहा कि वह घर जाना चाहता है।
पीड़ित के अनुसार एक बार जज ने उसे गुरुग्राम में अपने गनमैन से मिलकर बात करने के लिए कहा। व्यक्ति आठ अप्रैल को गुरुग्राम के डूंडाहेड़ा पहुंचा। गनमैन ने एक अन्य साथी को भेजकर उसे पीजी बुलाया।इसके बाद उसे उसी रात गुरुग्राम पुलिस लाइन ले जाया गया। रात करीब दस बजे जज की गाड़ी आई। सभी लोग उसे उद्योग विहार थाने ले गए। जहां उसके साथ मारपीट की गई। इसके बाद उसे जबरन गाड़ी में डालकर खरखौदा स्थित कोठी ले गए। पीड़ित ने कहा कि जज ने कोठी में उसे दो दिन तक कमरे में बंद रखा। खाना पीना तक नहीं दिया। किसी तरह वह वहां से बचकर निकल गया। जिसकी शिकायत उसने गुरुग्राम पुलिस व मानवाधिकार आयोग में भेजकर न्याय की गुहार लगाई है। अब देखना होगा कि मामला एक जज से सम्बन्धित होने से पीड़ित को न्याय मिलता है कि पुलिस द्वारा खानापूर्ति कर दी जाती है।

