रोहतक में नवीन जयहिंद ने पुलिस वारंट आने पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सीएम सैनी, केजरीवाल,हुड्डा व खट्टर को ललकारा,जयहिंद डरने वाला नही।

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रोहतक, सतीश: नवीन जयहिंद ने प्रेस वार्ता करते हुए सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि फिल्मों में “चिट्ठी” और “प्रेम पत्र” की बात होती है, लेकिन उनके पास जो “पत्र” आया है, वह कबूतर से नहीं बल्कि पुलिस वालों से आया है। उन्होंने तंज कसा कि अब यह “प्रेम पत्र” दरअसल एक अरेस्ट वारंट निकला, जिसे वे मुख्यमंत्री सैनी साहब के नाम का ही संदेश मानते हैं।

*प्रेम पत्र”नहीं,पुलिस का पैगाम, 2023 का केस, अब वारंट*

जयहिंद ने सवाल उठाया कि पुलिस द्वारा भेजा गया प्रेम पत्र नहीं ये पुलिस का पैगाम है साल 2023 के केस में 2026 में अचानक अरेस्ट वारंट आना समझ से परे है। उनका कहना है कि बिना बताए केस दर्ज कर सीधे कोर्ट में पेश कर दिया गया और अब सीधे गिरफ्तारी की कार्रवाई हो रही है।

*केस वापस नहीं, फैसला चाहिए *

उन्होंने साफ कहा कि वे किसी भी सूरत में सैनी साहब, केजरीवाल, हुड्डा या खट्टर से अपने केस वापस लेने की मांग नहीं करेंगे। उनका कहना है कि कई लोग अंत में झुक जाते हैं, लेकिन “नवीन जयहिंद” केस माफी नहीं मांगेगा—फैसला मांगेगा।

*CM बने जज, सबको बैठाकर फैसला करो*

जयहिंद ने हल्के व्यंग्य में कहा कि मुख्यमंत्री सैनी चाहें तो खुद जज बन जाएं, केजरीवाल, हुड्डा और खट्टर को भी साथ बैठा लें और उनके सभी मामलों पर एक साथ फैसला कर दें—उन्हें इसमें कोई आपत्ति नहीं है।

*जाम नहीं लगाया, लाठियां जरूर खाई हैं*

उन्होंने आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि वे हजारों बार सड़कों पर उतरे हैं, लेकिन कभी जाम नहीं लगाया। हां, लाठीचार्ज जरूर झेला है। उन्होंने खुद को जनहित के लिए लड़ने वाला कार्यकर्ता बताया।

*छुपे केस निकालो, एक बार में सभी बताओ*

जयहिंद ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि बार-बार पुराने केस निकालकर वारंट भेजने से लगता है कि दबाव बनाने की कोशिश हो रही है। उन्होंने मांग की कि उनके सभी केस एक साथ सामने लाए जाएं।

*आंदोलनों और केसों की लंबी लिस्ट*

उन्होंने अपने पुराने आंदोलनों का जिक्र करते हुए कहा कि अन्ना आंदोलन से लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय, हुड्डा, खट्टर, अमित शाह, मोदी और अन्य मामलों में वे कई बार गिरफ्तार, डिटेन और लाठीचार्ज का भी सामना कर चुके हैं। कई केसों में वे अदालत से बरी भी हो चुके हैं, जबकि कुछ अब भी चल रहे हैं।

*107/51 के केस, लेकिन वारंट 3 साल बाद*

*उन्होंने कहा कि आमतौर पर 107/51 जैसे केस 6 महीने में खत्म हो जाते हैं, लेकिन उनके मामलों में 3 साल बाद भी वारंट आ रहे हैं, जो सरकार की नीयत पर सवाल खड़ा करता है।

*भगत सिंह का रास्ता, डर का नहीं*

जयहिंद ने कहा कि वे भगत सिंह और सुभाष चंद्र बोस की विचारधारा से प्रेरित हैं और किसी भी दबाव या डर के आगे झुकने वाले नहीं हैं।

* Cm से अंतिम अपील: “फास्ट ट्रैक में फैसला करो”*

*अंत में उन्होंने सैनी साहब, केजरीवाल, हुड्डा और खट्टर से अपील की कि उनके सभी केस एक साथ सामने लाकर फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई करवाई जाए। उन्होंने कहा कि चाहे उन्हें जेल ही क्यों न जाना पड़े, उन्हें कोई आपत्ति नहीं—बस एक बार निष्पक्ष और जल्दी फैसला हो जाए।

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