गुरुग्राम, संवाददाता : गुरुग्राम नगर निगम वार्ड बीस के गांव ग्वाल पहाड़ी में दिल्ली के माढ़ी गांव में सरकार की ओर से कराए जा रहे नाला निर्माण कार्य को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। मामले में हरियाणा के मुख्यमंत्री को शिकायत भेजकर नाला निर्माण कार्य की जांच कराने तथा निर्माण पर रोक लगाने तथा सार्वजनिक भूमि पर कथित अतिक्रमण हटाने की शिकायत भेजी गई है।
शिकायत में कहा गया है कि निगम क्षेत्र के वार्ड बीस के गांव ग्वाल पहाड़ी, जिला गुरुग्राम में दिल्ली के महरोली क्षेत्र के गांव माढ़ी की ओर से एक पानी बहाव के लिए दिल्ली सरकार द्वारा नाला निर्माण कराया जा रहा है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, नाला निर्माण की वर्तमान स्थिति और स्थान को लेकर गंभीर आपत्तियां हैं। शिकायतकर्ता ने आशंका जताई है कि यदि निर्माण कार्य इसी प्रकार जारी रहा तो भविष्य में दिल्ली का गन्दा पानी हरियाणा के गांव में गंदे पानी, जलभराव और जल निकासी की समस्या उत्पन्न हो सकती है। इससे आम नागरिकों के स्वास्थ्य और पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की संभावना है।
*सार्वजनिक भूमि पर कथित अतिक्रमण का आरोप*
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि जिस क्षेत्र में नाला निर्माण किया जा रहा है, वहां TERI (The Energy and Resources Institute) रिसर्च इंस्टीट्यूट द्वारा सार्वजनिक भूमि/नाले की भूमि पर कथित रूप से अतिक्रमण किया गया है। इस संबंध में नाला निर्माण से पहले संबंधित भूमि की वास्तविक स्थिति, राजस्व रिकॉर्ड, सीमांकन तथा स्वीकृत नक्शे और योजनाओं की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई है।शिकायतकर्ता के अनुसार, यदि किसी सरकारी अथवा सार्वजनिक भूमि पर अतिक्रमण किया गया है और उसी स्थिति में नाला निर्माण कराया जा रहा है, तो भविष्य में विवाद और जनहित से जुड़ी गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। इसलिए पूरे मामले की संयुक्त एवं निष्पक्ष जांच कराई जानी आवश्यक है।
मुख्यमंत्री को भेजी गई शिकायत में मांग की गई है कि ग्रामीणों को* गांव ग्वाल पहाड़ी में माढ़ी गांव की ओर से चल रहे नाला निर्माण कार्य की तत्काल जांच कराई जाए।
* जांच पूरी होने तक आवश्यकतानुसार निर्माण कार्य पर रोक लगाई जाए।*
संबंधित भूमि का राजस्व रिकॉर्ड के आधार पर सीमांकन कराया जाए।
* TERI रिसर्च इंस्टीट्यूट द्वारा कथित अतिक्रमण की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए।
* नाला निर्माण की स्वीकृति, नक्शा, तकनीकी योजना और संबंधित विभागों की अनुमति की जांच की जाए।
* यह सुनिश्चित किया जाए कि नाला निर्माण के कारण गांव में गंदगी, जलभराव अथवा पर्यावरण संबंधी समस्या उत्पन्न न हो।
* जांच में अवैध अतिक्रमण अथवा नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों या संस्थाओं के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए।
* पूरे मामले की जांच रिपोर्ट शिकायतकर्ता और ग्रामवासियों को उपलब्ध कराई जाए।
ग्रामीण राहुल तंवर, विष्णु, महेंद्र, राजकुमार तंवर, सुखराज पंडित, सुरेन्द्र तंवर,उमेश तंवर सहित सैकड़ों ने मुख्यमंत्री से जनहित और पर्यावरण की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मामले में उच्चस्तरीय जांच कर जल्द कार्रवाई करने की गुहार लगाई है। ग्रामीण राहुल तंवर ने बताया कि इसके बारे में हम गुड़गांव नगर निगम तथा पुलिस विभाग के उच्च अधिकारियों को भी अवगत करा चुके हैं। लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई हरियाणा सरकार के अधिकारियों ने नहीं की है।
*क्या कहते हैं निगम अधिकारी*
जब इस मामले पर निगम के ज्वाइंट कमिश्नर रविंद्र मलिक से फोन पर बात की गई तो उन्होंने अपना पल्ला झाड़ने हुए कहा कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है, इस तरह के कार्य Xen तुषार यादव देख रहे हैं आप उनसे संपर्क कर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। जब उससे बार-बार फोन पर संपर्क किया गया तो उन्होंने फोन ही नहीं उठाया जिससे उनका पक्ष नहीं लिखा जा सका।
बता दे की बारिश के मौसम में गुड़गांव वैसे ही जल मग्न रहता है लेकिन यहां अब दिल्ली का गन्दा पानी हरियाणा में आएगा तो क्या हालत होगी। इसी तरह का मामला धारूहेड़ा में भिवाड़ी से आ रहा गंदा पानी अधिकारियों के लिए जी का जंजाल बना हुआ है। जिस पर दोनों प्रदेशों की कई बार उच्च स्तरीय बैठक भी हो चुकी है।

