गुरुग्राम, संवाददाता : गुरुग्राम में चैत्र मास के पहले नवरात्रि पर वीरवार को विश्व प्रसिद्ध माता शीतला मंदिर में दर्शन के लिए उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़।चैत्र नवरात्रि की शुरुआत के साथ ही गुरुग्राम के प्रसिद्ध श्री शीतला माता मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। माता शीतला के दरबार में सुबह से ही भक्तों का तांता लगा रहा है। मनिंद्र में दर्शन करने के लिए दूर-दूर से आए श्रद्धालु मां के दर्शन के लिए भीड़ के चलते घंटों लाईन में खड़े रहे।मंदिर परिसर भक्ति और उत्साह से गूंज रहा है, जहां हर तरफ ‘जय माता दी’ के जयकारे गूंज रहे हैं। यह मंदिर उत्तर भारत का एक प्रमुख आस्था केंद्र है, जहां चैत्र नवरात्रि के दौरान लाखों भक्त दर्शन करने आते हैं।

इस बार नवरात्रि 19 मार्च से शुरू होकर 9 दिनों तक चलेंगे।मंदिर के श्राइन बोर्ड ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं। हर साल की तरह इस बार भी नवरात्रि के दौरान मंदिर के कपाट 24 घंटे खुले रखे गए हैं, ताकि भक्त किसी भी समय माता के चरणों में मत्था टेक सकें।
*भव्य सजाया गया मां का दरबार*
श्रद्धालुओं ने मां का दरबार रंग बिरंगे फूलों मालाओं, लाइटों से दुल्हन की तरह सजाया गया है। जिससे मंदिर का नजारा मनमोहक हो गया है। वहीं श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पार्किंग की उचित व्यवस्था, भीड़ प्रबंधन के लिए अतिरिक्त पुलिसकर्मी और सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। स्वच्छता, पीने का पानी, चिकित्सा सुविधा और भोजन प्रसाद की व्यवस्था भी की गई है।
*नवरात्रि में आना वार्षिक अनुष्ठान*
उत्तर प्रदेश के कोसीकलां से दर्शन करने पहुंचे श्रद्धालु अशोक ने बताया कि माता शीतला को संतान प्राप्ति और रोग निवारण की देवी माना जाता है। नवविवाहित जोड़े और संतान की कामना करने वाले दंपत्ति विशेष रूप से यहां धोक लगाने आते हैं। मां शीतला की कृपा से हमारी हर मनोकामना पूरी होती है। नवरात्रि में यहां आना वार्षिक अनुष्ठान माना जाता है। वे सुबह 5 बजे से कतार में लगे हैं, लेकिन मां के दर्शन का आनंद सब कुछ भुला देता है।
*आगामी 3 अप्रैल तक 24 घण्टे चलेगा मेला*
श्राइन बोर्ड के सीईओ सुमित कुमार ने बताया कि चैत्र मेला 5 मार्च से शुरू होकर 3 अप्रैल तक चलेगा, लेकिन नवरात्रि के दौरान भीड़ अपने चरम पर रहती है। प्रशासन ने ट्रैफिक मैनेजमेंट के लिए विशेष योजना बनाई है। आसपास के इलाकों से आने वाले वाहनों के लिए वैकल्पिक रूट और पार्किंग जोन बनाए गए हैं।नवरात्रि के इन 9 दिनों में मंदिर में विशेष आरती, भजन-कीर्तन और हवन का आयोजन होगा। मां दुर्गा के 9 रूपों की पूजा के साथ शीतला माता के प्रति आस्था का यह संगम अनोखा है। लोग व्रत रखकर, लाल-पीले वस्त्र पहनकर मंदिर की ओर बढ़ रहे हैं। यह नवरात्रि न केवल आध्यात्मिक ऊर्जा से भरपूर है, बल्कि सामाजिक एकता का भी प्रतीक माना जाता है। चैत्र मेलें में काफी आसपास के श्रद्धालु जो नवरात्रि पर्व उपवास करते हैं रोजाना सुबह शाम माता के दर्शन कर आशीर्वाद लेने पहुंचते हैं।
