गुरुग्राम के सेक्टर-37 पेस सिटी में पर्यावरण प्रदूषण को लेकर दायर याचिका पर नोटिस जारी।

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गुरुग्राम, संवाददाता : गुरुग्राम के एक समाज सेवक आरटीआई एक्टिविस्ट ने शहर में पर्यावरण प्रदूषण और एसोसिएशन के कार्यों में कथित अनियमितताओं को लेकर एक महत्वपूर्ण याचिका अदालत में दायर की है, जिसमें कई गंभीर आरोप लगाते हुए दोषियों पर सख्त कार्यवाही करने की प्रार्थना की गई है। जिसपर संज्ञान लेते हुए अदालत ने सभी प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

मिली जानकारी के अनुसार याचिकाकर्ता सुखबीर सिंह ने सिविल प्रक्रिया संहिता की धारा 92 के तहत अदालत से पर्यावरण रक्षा के लिए कई महत्वपूर्ण आदेश देने की मांग की है।याचिका में सबसे प्रमुख मांग प्रतिवादी नंबर-1 को एसोसिएशन के अध्यक्ष पद से हटाने की है। इसके साथ ही यह भी आग्रह किया गया है कि उन्हें भविष्य में अध्यक्ष बनने के लिए अयोग्य घोषित किया जाए।याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया है कि प्रतिवादी नंबर-1 ने एसोसिएशन या सरकारी नाम पर जो भी धन या लाभ प्राप्त किए हैं, उनका पूरा हिसाब अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया जाए। इसके अलावा, CETP (कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट) से जुड़े सभी यूनिट्स का सही साइट प्लान और कनेक्शन का पूरा विवरण देने का भी आदेश मांगा गया है। पर्यावरण से जुड़े मुद्दों को उठाते हुए याचिका में अदालत से यह भी मांग की गई है कि प्रतिवादियों के खिलाफ स्थायी निषेधाज्ञा (Permanent Injunction) जारी की जाए, ताकि वे MCG के ड्रेनों में बिना ट्रीटमेंट का गंदा पानी छोड़ना बंद करें। वहीं सभी इलेक्ट्रोप्लेटिंग यूनिट्स को अपने-अपने ETP/PETP प्लांट स्थापित करने और उन्हें सही तरीके से संचालित करने का निर्देश देने की मांग की गई है। याचिका में यह भी कहा गया है कि सभी यूनिट्स को राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के नियमों के अनुसार CETP से अनिवार्य रूप से जोड़ा जाए।

याचिकाकर्ता ने पर्यावरण को हुए नुकसान के लिए प्रतिवादियों से पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति वसूलने और आसपास रहने वाले वाले प्रभावित लोगों को उचित मुआवजा देने की भी मांग रखी है।इस मामले ने स्थानीय स्तर पर पर्यावरण सुरक्षा, औद्योगिक जिम्मेदारी और प्रशासनिक पारदर्शिता को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिसपर आरटीआई कार्यकर्ता ने सरकार के सभी सम्बंधित विभागों से आरटीआई के तहत जनहित में सूचना भी मांगी थी, जिसमें भी विभाग ने आधा अधुरा गोलमोल जवाब देकर अपना पल्ला झाड़ लिया है। जिसपर उन्होंने जनहित में अदालत का दरवाजा खटखटाया है। मामले की अगली सुनवाई तारीख 14 मई 2026 लगी है। अब देखना यह होगा कि अदालत इन जनहित के मुद्दों पर कब और कितने समय में कार्रवाई करने के निर्देश देती है।

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