गुरुग्राम, संवाददाता : आरटीआई एक्ट को लेकर राज्य सरकार में बैठे लापरवाह अधिकारी कितने गंभीर है,इसका अंदाजा इसी बात से ही लगाया जा रहा है कि आए दिन सूचना आयोग उक्त एक्ट का उल्लघंन करने वाले वरिष्ठ अधिकारीयो को भी समय पर सही जवाब नहीं देने के मामले में दंडित कर रहे हैं, ऐसा ही एक ताजा मामला गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) में तैनात डीटीपी एवं जिला नोडल ऑफिसर आरएस भाट पर राज्य सूचना आयोग ने 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
वहीं आयोग ने मामले में लापरवाही बरतने पर हरियाणा के अतिरिक्त मुख्य सचिव को आरएस भाट को कर्तव्य निर्वहन और सूचना के अधिकार कानून से संबंधित विशेष प्रशिक्षण दिलाने की भी सिफारिश की है। सुनवाई के दौरान सामने आया कि आयोग की ओर से आरएस भाट को कई अवसर दिए गए, लेकिन वे बार-बार सुनवाई में उपस्थित नहीं हुए। 30 जुलाई 2026 के आदेश के बाद भी उनकी उपस्थिति सुनिश्चित कराने के लिए विभाग के निदेशक को निर्देश जारी करने पड़े। इस पर नाराजगी जताते हुए राज्य सूचना आयुक्त डॉ. अजय सुरा ने कहा कि वैधानिक प्राधिकरण के निर्देश केवल ‘सलाह’ नहीं होते, बल्कि उनका पालन करना संबंधित अधिकारी का अनिवार्य दायित्व है। वहीं, आरएस भाट ने कहा कि यह मामला उनके चंडीगढ़ में पदस्थ रहने के समय का है और उन्हें पहले मामले की जांच करनी होगी।
उन्होंने कहा कि उन्होंने जवाब दिया था, लेकिन संभव है कि वह संतोषजनक नहीं रहा हो। बाठ ने कहा कि गुरुग्राम में अतिक्रमण हटाने की रोजाना चलने वाली कार्रवाई के कारण कुछ कार्यों में देरी हो सकती है। उन्होंने भविष्य में सुधार लाने और आरटीआई से जुड़े मामलों को गंभीरता से लेने की बात कही। साथ ही उन्होंने आयोग के प्रति सम्मान जताते हुए इस संबंध में किए जाने वाले सुधारों की जानकारी आयोग को लिखित रूप से देने की बात भी कही है।
